30.12.10
श्री साईं सच्चरित्र संदेश,
"तुम्हें अपने शुभ अशुभ कर्मो का फल अवश्य ही भोगना चाहिए I यदि भोग अपूर्ण रह गया तो पुनजन्म धारण करना पड़ेगा, इसलिये मृत्यु से यह श्रेयस्कर है कि कुछ काल तक उन्हें सहन कर पूर्व जन्मों के कर्मों का भोग समाप्त कर सदेव के लिये मुक्त हो जाओ" I
26.12.10
श्री साईं सच्चरित्र संदेश,
"पूर्व जन्मों में संचित आनंद पुण्य कर्मो के बल से अनायास ही जीव को इस नरदेह की प्राप्ति होती है I इसके अलावा जब वह आध्यात्मिक उन्नति भी करता है तो वह उसका सौभाग्य होता है" I
25.12.10
श्री साईं सच्चरित्र संदेश,
"बाबा लीलावतार थे जो दिनोद्वार, दुष्ट निशाचरों के वध और भक्तो की दुर्वासनाओ को नष्ट करने के लिए प्रकट हुए थे"I
24.12.10
23.12.10
22.12.10
श्री साईं सच्चरित्र संदेश,
साईं नाथ जी को और क्या चाहिए
केवल दो हाथ, एक माथा,दृढ़ श्रद्धा और अनन्य भक्ति,
भगत की कृतज्ञता ही उनके लिए पर्याप्त है |
एक विचार
जब दुर्भाग्य हों तो चमड़ी मोटी रखो ! सुनो सब की , मगर जबान पर नियंत्रण रखो और मजाक उड़ाने वालो को ज्यादा तवाजो मत दो ! सोचो यह समय भी गुजर जाएगा अच्छे दिन आ कर चले गए तो बुरे दिन भी चले जायेगे !
21.12.10
SHIRI SAI 108 NAM JAP
- OM sri Sai Nathaaya namaha
20.12.10
श्री साईं सच्चरित्र संदेश,
"केवल संतो का प्रेमावलोकन, संतप्रसाद और उनके आशीर्वचन ही समस्त व्याधियों को हर सकते हैं, इनके अलावा अन्य किसी भी आवश्यकता नहीं पड़तीं"I
19.12.10
माँ-बाप को भूलना नहीं||
माँ-बाप को भूलना नहीं||
भूलो सभी को मगर, माँ-बाप को भूलना नहीं।
उपकार अगणित हैं उनके, इस बात को भूलना नहीं।।
पत्थर पूजे कई तुम्हारे, जन्म के खातिर अरे।
पत्थर बन माँ-बाप का, दिल कभी कुचलना नहीं।।
मुख का निवाला दे अरे, जिनने तुम्हें बड़ा किया।
अमृत पिलाया तुमको जहर, उनको उगलना नहीं।।
कितने लड़ाए लाड़ सब, अरमान भी पूरे किये।
पूरे करो अरमान उनके, बात यह भूलना नहीं।।
लाखों कमाते हो भले, माँ-बाप से ज्यादा नहीं।
सेवा बिना सब राख है, मद में कभी फूलना नहीं।।
सन्तान से सेवा चाहो, सन्तान बन सेवा करो।
जैसी करनी वैसी भरनी, न्याय यह भूलना नहीं।।
सोकर स्वयं गीले में, सुलाया तुम्हें सूखी जगह।
माँ की अमीमय आँखों को, भूलकर कभी भिगोना नहीं।।
जिसने बिछाये फूल थे, हर दम तुम्हारी राहों में।
उस राहबर के राह के, कंटक कभी बनना नहीं।।
धन तो मिल जायेगा मगर, माँ-बाप क्या मिल पायेंगे ?
भूलो सभी को मगर, माँ-बाप को भूलना नहीं।
उपकार अगणित हैं उनके, इस बात को भूलना नहीं।।
पत्थर पूजे कई तुम्हारे, जन्म के खातिर अरे।
पत्थर बन माँ-बाप का, दिल कभी कुचलना नहीं।।
मुख का निवाला दे अरे, जिनने तुम्हें बड़ा किया।
अमृत पिलाया तुमको जहर, उनको उगलना नहीं।।
कितने लड़ाए लाड़ सब, अरमान भी पूरे किये।
पूरे करो अरमान उनके, बात यह भूलना नहीं।।
लाखों कमाते हो भले, माँ-बाप से ज्यादा नहीं।
सेवा बिना सब राख है, मद में कभी फूलना नहीं।।
सन्तान से सेवा चाहो, सन्तान बन सेवा करो।
जैसी करनी वैसी भरनी, न्याय यह भूलना नहीं।।
सोकर स्वयं गीले में, सुलाया तुम्हें सूखी जगह।
माँ की अमीमय आँखों को, भूलकर कभी भिगोना नहीं।।
जिसने बिछाये फूल थे, हर दम तुम्हारी राहों में।
उस राहबर के राह के, कंटक कभी बनना नहीं।।
धन तो मिल जायेगा मगर, माँ-बाप क्या मिल पायेंगे ?
18.12.10
श्री साईं सच्चरित्र संदेश,
केवल कर्मो को भोगने पर ही उनका अंत होगा I जन्म जन्मांतर यह पुर्णतः निशिचत हैं I जब तक हम अपने कर्मो को न भोग ले तब तक अन्य कोई उपाय निव्रत्तिदायक नहीं हैI
17.12.10
Swami Sivananda
Refrain from injury to all creatures in
thought, word and deed. Be kind and
charitable. Free yourself from anger, hatred
and malice. Happiness results from good acts.
Everything can be attained by righteousness.
अपने विचारों, शब्दों या कार्य से किसी भी प्राणिमात्र को
पीड़ित करने से बचे। उदार और दयालु बनो| स्वयं कों क्रोध, ईर्ष्या और घृणा से दूर रखो| अच्छे कार्यों से ही खुशी मिलती है, सही तरीके से सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है।
thought, word and deed. Be kind and
charitable. Free yourself from anger, hatred
and malice. Happiness results from good acts.
Everything can be attained by righteousness.
अपने विचारों, शब्दों या कार्य से किसी भी प्राणिमात्र को
पीड़ित करने से बचे। उदार और दयालु बनो| स्वयं कों क्रोध, ईर्ष्या और घृणा से दूर रखो| अच्छे कार्यों से ही खुशी मिलती है, सही तरीके से सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है।
16.12.10
श्री साईं सच्चरित्र संदेश,
"व्याधि (रोग) अपने साथ भयंकर पीड़ा और कष्ट लाता है, परन्तु संत अपनी करुण द्रष्टि से बिना दुःख और कष्ट भोगे, रोग को नष्ट कर देते हैं"I
15.12.10
Sri Paramahansa Yogananda
Never try to deceive others. A fake rose can
never be a real rose. And a real rose will shed
its fragrance no matter how much it is crushed.
If you egoistically display yourself before others,
the world will eventually cast you aside. And don’t
try in any way to deceive God, for in the false notion
that you can fool Him you only deceive yourself.
दूसरों को धोखा देने की कोशिश ना करें| एक नकली गुलाब
कभी असली नहीं हो सकता और असली गुलाब कितना भी
कुचला जाए वह खुशबू ही देता है। यदि आप दूसरों के सामने स्वयं को अभिमान पूर्वक प्रदर्शित करते है तो लोग आपको परे कर देते है| और किसी भी तरह से भगवान को धोखा देने की कोशिश ना करे| जब आप ऐसा सोचते है कि आप उसे बेवकूफ बना सकते है तो आप केवल अपने को धोखा देते हैं|
never be a real rose. And a real rose will shed
its fragrance no matter how much it is crushed.
If you egoistically display yourself before others,
the world will eventually cast you aside. And don’t
try in any way to deceive God, for in the false notion
that you can fool Him you only deceive yourself.
दूसरों को धोखा देने की कोशिश ना करें| एक नकली गुलाब
कभी असली नहीं हो सकता और असली गुलाब कितना भी
कुचला जाए वह खुशबू ही देता है। यदि आप दूसरों के सामने स्वयं को अभिमान पूर्वक प्रदर्शित करते है तो लोग आपको परे कर देते है| और किसी भी तरह से भगवान को धोखा देने की कोशिश ना करे| जब आप ऐसा सोचते है कि आप उसे बेवकूफ बना सकते है तो आप केवल अपने को धोखा देते हैं|
14.12.10
Guru Nanaka
प्रत्येक व्यक्ति को भगवद-भजन और मानवता की सेवा से अपने ह्रदय को शुद्ध करना चाहिए, ईश्वर की इच्छा के अनुरूप बिना भुनभुनाए अपने जीवन को जीना चाहिए| उसकी इच्छा को ही अपनी इच्छा माने| असीम के साथ तादात्म्य बनाए रखे| इसके अतिरिक्त और कोई रास्ता नहीं है|
13.12.10
ॐ साईं राम,
"साईं की लीला सुने,कर साईं का ध्यान,
भगति सद्गुरु साईं की,त्याग सकल अभिमान"
"साईं राम मेरा सत्य गुरु"
11.12.10
Sri Paramahansa Yogananda
किसी भी परिस्थिति में दूसरों को यह मौक़ा न दें कि वह आपको इतना क्रोधित कर सके कि आप कुछ ऐसा कर बैठें कि बाद में पश्चाताप करना पड़े। बहुत से लोग जो क्रोध में अपना नियंत्रण खो बैठते है वे बाद में पछताते हैं कि उन्होंने क्या कर दिया| जो व्यक्ति अपने संवेगों पर नियंत्रण नहीं रख पाते, वे स्वयं के सबसे बड़े शत्रु हैं| जब आपको कोई पागल (क्रोधित) कर देता है इसका अर्थ यह है कि आपके अंदर की कोई ईच्छा अवरोधित हो रही है, अन्यथा कोई भी आपको क्रोधित नहीं कर सकता|
10.12.10
श्री साईं सच्चरित्र संदेश,
वे (साईं बाबा ) न तो किसी जानवर की बलि चाहते थे और न ही चढ़ावे में धन की कामना करते थे I उन्हें तो सच्चे प्रेम, श्रद्धा और विशवास की भूख थी, जिसके होने पर उनके सभी कष्ट नष्ट हो सकते थे I
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